गुजरात से आयी कांग्रेस का दिल दहलाने वाली खबर, डूबी राहुल की चुनावी नैय्या, बर्बाद हो गए युवराज

मोदी लहर के खिलाफ कांग्रेस सभी छोटे-मोठे संगठनों के साथ मिलकर चुनाव लड़ रही है. गुजरात में मोदी को हारने के लिए हार्दिक पटेल का साथ लिया जा रहा है. राहुल गाँधी को उम्मीद थी कि पटेल आंदोलन का फायदा उठा कर वो मोदी व् बीजेपी को गुजरात चुनाव में मात दे देंगे. मगर ताजा खबर ऐसी आ रही है, जिसने राहुल गाँधी का सपना एक बार फिर चकनाचूर कर दिया है. इस खबर के बाद राहुल के माथे पर हार का एक और बट्टा लगने जा रहा है.

पटेलों द्वारा हार्दिक पटेल गद्दार घोषित
दरअसल हार्दिक पटेल की अगुवाई वाली पाटीदार अनामत आंदोलन समिति से अलग बनी पाटीदार आरक्षण संघर्ष समिति के संयोजक अश्विन पटेल ने हार्दिक पटेल को गद्दार करार देते हुए गुजरात चुनाव में बीजेपी के समर्थन का ऐलान कर दिया है. अश्विन पटेल ने हार्दिक पटेल पर ग़द्दारी का आरोप लगाते हुए कहा है कि गुजरात में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव में वो बीजेपी का समर्थन करेंगे.

पटेल ने कहा है कि वो पटेल समुदाय से चुनाव में बीजेपी का साथ देने की अपील कर रहे हैं. पटेल ने आरोप लगाया कि हार्दिक पटेल ने आंदोलन के साथ ग़द्दारी करके लोगों के क़त्ल करवाए. उन्होंने कहा कि हार्दिक को 2015 में समिति का संयोजक बनाया था, लेकिन उन्होंने रिश्वत लेनी शुरु कर दी थी, जिसके कारण उन्हें निकाल दिया गया था.

राजनीतिक महत्वकांक्षाओं को पूरा करने के लिए हार्दिक ने दिया धोखा
अश्विन ने आरोप लगाया कि हार्दिक ने गुजरात के युवाओं को बहकाया है. अश्विन पटेल ने कहा कि वो इसी हफ्ते बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह से मिलेंगे और उनकी पार्टी का समर्थन करेंगे क्योंकि केन्द्र में बीजेपी की सरकार है और 2019 में भी रहेगी. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पाटीदार आंदोलन सबसे पहले अश्विन पटेल ने ही शुरु किया था, बाद में हार्दिक पटेल ने इस आंदोलन का गलत इस्तमाल अपनी राजनीतिक महत्वकांक्षाओं को पूरा करने के लिए करना शुरू कर दिया था.

पटेलों को लुभाने के लिए जोर लगा रही है कांग्रेस-बीजेपी
दिसंबर महीने में गुजरात के चुनाव होने है और पाटीदारों का वोट बैंक किसी भी पार्टी के लिए सरकार बनाने के लिए काफी अहम् भूमिका निभाता है. यही कारण है कि कांग्रेस और बीजेपी पटेलों को लुभाने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा रहे हैं. हार्दिक पटेल के अल्टीमेटम के बाद कांग्रेस ने देर न करते हुए ये कहा है कि वह आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग के लिए 20% आरक्षण लाएगी, जिसमें पाटीदारों को भी शामिल किया जायेगा.

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक 50% से ज्यादा आरक्षण नहीं दिया जा सकता. गुजरात में फिलहाल 49.5% आरक्षण पहले से ही है. जिसमें ओबीसी को 27%, एसटी (शेड्यूल्ड ट्राइब्स) को 15% और एससी (शेड्यूल्ड कास्ट) को 7.5% आरक्षण मिला हुआ है. साफ है इससे कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक और आरक्षण नहीं दिया जा सकता.

कांग्रेस के लिए भी बढ़ेंगी मुश्किलें
ओबीसी आरक्षण 27% है, जिसमें कुल 146 जातियां है. ऐसे में पटेलों को भी ओबीसी में लाना नामुमकिन है, क्योंकि पटेलों की संख्या ज्यादा है और ओबीसी अपने हिस्से का आरक्षण पटेलों को देने के पक्ष में नहीं दिख रहे. ओबीसी नेता अल्पेश ठाकोर जो कि कांग्रेस का हाथ थाम चुके हैं, उन्होंने भी पटेलों को आरक्षण देने की बात कही है, लेकिन ओबीसी में शामिल करने की नहीं.

बीजेपी पर लगातार निशाना साध रहे हैं हार्दिक पटेल
इसमें कोई दो राय नहीं कि पाटीदार आंदोलन से बीजेपी को पंचायत चुनाव में भारी नुकसान देखना पड़ा था. इस बार भी पाटीदार नेता हार्दिक पटेल के एक के बाद एक कई वार बीजेपी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह पर कर रहे हैं. उनका झुकाव कांग्रेस की ओर साफ़ देखा जा रहा है. हाल ही में उनके राहुल गांधी से मिलने के सबूत भी सामने आये थे. इस बीच सवाल यही है अगर बीजेपी 10% आरक्षण नहीं दे पायी, वहीं कांग्रेस आखिर 20% आरक्षण कैसे देगी?

कांग्रेस को अल्टीमेटम देने के पीछे हार्दिक की मजबूरी!
ऐसे में सवाल ये कि कांग्रेस को अल्टीमेटम देने के पीछे आखिर हार्दिक की मजबूरी क्या थी? दरअसल क़ानूनी तौर पर आरक्षण किस तरह मिल पाएगा, इसकी स्पष्टता हार्दिक की पहली प्राथमिकता है. इसमें कोई दो राय नहीं है कि पाटीदारों के युवा नेता हार्दिक पटेल की मुश्किलें बढ़ चुकी हैं. इसकी बड़ी वजह यह है कि उन्होंने पहले से ही बीजेपी के ख़िलाफ़ रहना तय कर लिया है और वह जमकर पीएम मोदी, अमित शाह और बीजेपी के ख़िलाफ़ बोल रहे हैं. इस सूरत में भी अगर कांग्रेस की तरफ से कोई रास्ता नहीं दिखा तो उनके लिए यह मुश्किल होगी कि वह कहां जाएं.

हार्दिक पटेल ने कांग्रेस को केवल अल्टीमेटम ही नहीं दिया बल्कि राहुल गांधी को धमकी भी दी है कि यदि कांग्रेस ने ये स्पष्ट नहीं किया तो राहुल गांधी को भी अमित शाह की तरह सूरत में विरोध क्षेलना पड़ेगा. आपको बता दें कि सूरत में अमित शाह के खिलाफ पाटीदारों ने जमकर विरोध किया था.

गुजरात में करीब 15 फ़ीसदी आबादी पटेलों की
पटेल समुदाय को गुजरात का सबसे संपन्न और मजबूत वर्ग माना जाता है. गुजरात की कुल जनसंख्या में लगभग 15 फ़ीसदी आबादी पटेलों की है. गुजरात में आरक्षण को लेकर चले पाटीदार आंदोलन के कारण पंचायत के चुनाव में बीजेपी को भारी नुकसान हुआ था. इसी वजह से बीजेपी ने 10% आर्थिक आधार पर आरक्षण देने का फ़ैसला किया था. जिसे गुजरात हाई कोर्ट ने खारिज कर दिया था. हालांकि इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गयी है.

गुजरात में बड़ा आंदोलन कर चुके हैं पाटीदार
बीते साल गुजरात के पाटीदार समुदाय के लोगों ने आरक्षण की मांग करते हुए पूरे राज्य में आंदोलन चलाया था. इसके नेता हार्दिक पटेल को हिरासत में लेने के बाद हिंसा भड़क उठी थी. इसमें कुछ लोगों की मौत भी हो गई थी. इस आंदोलन में बड़े पैमाने पर तोड़फोड़ और आगज़नी की घटनाएं हुई थीं. हार्दिक और उनके समर्थकों पर राष्ट्रद्रोह का अभियोग लगाया गया. हार्दिक पटेल की अगुवाई वाले संगठन पाटीदार अनामत आंदोलन समिति राज्य सरकार के फ़ैसलों की आलोचना करती रही है.

इस बीच बीजेपी नेता और गुजरात के उप मुख्यमंत्री नितिन पटेल ने कांग्रेस पर ये आरोप लगाया है कि जब राज्य सरकार ने 10% आरक्षण, आर्थिक रूप से पिछले वर्ग के लिए फैसला किया था तब कांग्रेस के ही किसी व्यक्ति ने कोर्ट में चुनौती दी थी. आज वही कांग्रेस 20% आरक्षण की बात कर रही है.

आखिर 20% आरक्षण कैसे देगी कांग्रेस?
भले ही कांग्रेस ने 20% आरक्षण की बात कही है, लेकिन सवाल यहीं कि जब बीजेपी के 10% के फैसले को भी खारिज कर दिया गया तो आखिर कांग्रेस 20% कैसे दे पाएगी? सुप्रीम के फैसले के मुताबिक, आरक्षण 50% से ज्यादा नहीं दिया जा सकता. गुजरात में फिलहाल 49.5% आरक्षण पहले से ही है, ऐसे में पाटीदारों को आरक्षण देने के लिए संविधान की नौवीं अनुसूची में बदलाव करना होगा जो केवल केंद्र कर सकती है. केंद्र में फिलहाल बीजेपी की सरकार है ऐसे में कांग्रेस अगर गुजरात की चुनाव जीत भी गई तो आरक्षण देने में उसे परेशानियों का सामना करना पड़ेगा?

एक पल के लिए ये मान ले कि अगर 2019 में कांग्रेस की केंद्र में सरकार बनेगी, तब भी ये मुमकिन नहीं, क्योंकि गुजरात में अगर 50% से ज्यादा आरक्षण किया गया तो ये मांग पूरे देश से उठने लगेगी.

पटेलों को आरक्षण दिलवाने की आड़ में हार्दिक ने देश को लूटने और आतंकियों का समर्थन करने वाली कांग्रेस को समर्थन देना शुरू कर दिया. जिसके कारण गुजरात के पटेल उनसे काफी नाराज चल रहे हैं. गुजरात में जमनी हकीकत पता करने के लिए जब पटेलों से मीडिया ने बात की तो उन्होंने बताया कि पटेलों को आरक्षण दिलाने के लिए वो देश के साथ गद्दारी कभी नहीं करेंगे और कांग्रेस का समर्थन कभी नहीं करेंगे.

डूब गयी राहुल की चुनावी नैय्या
देखा जाए तो राहुल गाँधी के लिए ये एक बड़े झटके की तरह है, क्योंकि विकास के मुद्दे पर तो राहुल वैसे भी चुनाव नहीं लड़ रहे हैं. पटेलों के एकमात्र मुद्दे पर उनकी चुनावी नैय्या चल रही थी, जिसके डूबने के आसार अब बन गए हैं. वहीँ कोंग्रेसी सूत्रों के मुताबिक़ राहुल को पहले कांग्रेस का अध्यक्ष बनाये जाने का फैसला लिया गया था, मगर गुजरात चुनाव में कांग्रेस की करारी हार होने जा रही है, इस आशंका से राहुल को अध्यक्ष नहीं बनाया जाएगा.

Source- http://www.ddbharti.in/news/patidar-aandolan-samiti-supporting-bjp.htmlhttp://abpnews.abplive.in/india-news/gujarat-assembly-elections-how-patels-to-get-reservation-714119.